प्रीपेड व पोस्टपेड मीटर की रीडिंग में कोई अंतर नहीं

 

मुजफ्फरपुर | स्मार्ट प्रीपेड मीटर के विरोध में आंदोलन के दौरान बिल ज्यादा उठने की शिकायत सामने आई। इसकी सत्यता जांचने के लिए प्रमंडलीय आयुक्त के कार्यालय समेत 10 सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड मीटर के साथ सीरीज कर पोस्ट पेड मीटर भी लगाए गए हैं। शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता के साथ एनबीपीडीसीएल की टीम ने दोनों मीटर की रीडिंग ली। एनबीपीडीसीएल का दावा है कि दोनों मीटर की रीडिंग में कोई अंतर नहीं है। बेवजह मीटर तेज चलने की अफवाह उड़ाई जा रही है। अगर किसी को लगता है कि मीटर में अंतर हैं तो वह कार्यालय में जाकर इसकी सत्यता जांच सकता है। एनबीपीडीसीएल की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, स्मार्ट मीटर व पोस्टपेड मीटर की खपत में कोई अंतर नहीं है।

चलेगा हस्ताक्षर अभियान अफसरों पर करेंगे केस

प्रीपेड मीटर हटाओ संघर्ष समिति सोमवार से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करेगा। समिति के अध्यक्ष देवांशु किशोर ने बताया कि शहर के सभी उपभोक्ताओं से प्रीपेड मीटर हटाने के लिए हस्ताक्षर करवाया जाएगा। इसको लेकर सभी 49 वार्डों में समिति के सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई है। हस्ताक्षर लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद पूरे जिले में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इधर, बिहार सिविल सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पाराशर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा किया जाएगा। 20 जून को पटना उच्च न्यायालय में दायर की जाने वाली जनहित याचिका में प्रशासनिक अधिकारियों को भी मुदालय बनाया जाएगा। इधर, रोटेरियन कुमार गौरव की शिकायत है कि 8.22 रुपए रहने के बावजूद बिजली बंद कर दी गई।

प्रीपेड मीटर हटाने के लिए चलेगा अभियान

मुजफ्फरपुर प्रीपेड मीटर हटाओ संघर्ष समिति ने शुक्रवार को माड़ीपुर स्थित कार्यालय में बैठक की. समिति के अध्यक्ष देवांशु किशोर ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि आगामी सोमवार से प्रीपेड मीटर हटाओ अभियान के तहत शहर के सभी उपभोक्ताओं से प्रीपेड मीटर हटाने को लेकर हस्ताक्षर कराया जायेगा और पूरे शहर के उपभोक्ताओं से हस्ताक्षर लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जायेगा. इसके लिए सभी वार्डों में समिति के सदस्यों की नियुक्ति की गयी है. प्रीपेड व पोस्टपेड मीटर की जांच डीएम के निर्देश पर दस सरकारी कार्यालय में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ पोस्ट पेड मीटर लगाये गये. इसकी जांच अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर एसटीएफ के अधीक्षण अभियंता, शहरी वन व टू के कार्यपालक अभियंता ने संयुक्त रूप से की. जिसमें पता चला कि दोनों मीटर के खपत में कोई अंतर नहीं है. सभी दस कार्यालय की विवरण की रिपोर्ट तैयार की गयी है. इच्छुक व्यक्ति संबंधित कार्यालय में जाकर स्वयं इसे देख सकते है.

जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर तीन पर परिवाद

मुजफ्फरपुर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर कटरा थाना क्षेत्र के धनौर निवासी वेद प्रकाश ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर कराया है। इसमें विद्युत मंत्री विजेंद्र यादव, विद्युत विभाग के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, एसडीओ पूर्वी ज्ञान प्रकाश को आरोपित किया है। आरोप लगाया है कि विद्युत रीडिंग अलग है और रिचार्ज मनमाने ढंग से विभाग ले रहा है। मीटर नहीं लगाने पर मुकदमा करने की धमकी दी जा रही है। न्यायालय ने परिवाद के ग्रहण के बिंदु पर सुनवाई के लिए 20 जून की तिथि निर्धारित की है।

कोई टिप्पणी नहीं

If you have any doubts, Please let me know