ज्यादा वीडियो गेम्स खेलेंगे तो भविष्य में रह सकते हैं बेरोजगार

 

यदि आप अपना ज्यादा समय वीडियो या ऑनलाइन गेम्स खेलने में बिताते हैं तो सावधान हो जाइए, अमरीका में किए गए एक शोध के मुताबिक, ज्यादा वीडियो गेम्स युवाओं के करियर पर बुरा असर डाल सकता है। इसके तहत, यदि आप जरूरत से ज्यादा वीडियो गेम्स खेलेंगे तो इससे आपके भविष्य में बेरोजगार रहने की संभावना ज्यादा बढ़ सकती है। 

प्रोफेसर हर्स्ट का शोध में पता चला

अमरीका के एक प्रोफेसर एरिक हर्स्ट ने वीडियो गेम्स खेलने से पड़ने वाले प्रभाव पर लंबे समय तक एक शोध किया है। इसके चौकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। इसके तहत 20 साल की उम्र के आसपास के करीब एक चौथाई युवा बेरोजगार हैं और उनके पास कोई काम नहीं है।

वक्त करते हैं बर्बाद, इसलिए हुनरमंद नहीं बन पाते

1) जिस उम्र में आपको हुनर सीखना होता है और अपने वीडियो गेम्स में अपना समय बर्बाद कर रहे होते हैं। ऐसे O करियर की तैयारी करनी होती है, उस उम्र में आप में युवा कोई हुनर हासिल नहीं कर पाते और इससे उन्हें भविष्य में रोजगार मिलने में काफी मुश्किलें आती है।

2) इस बात की संभावना भी अधिक है कि ये लोग भविष्य में अपने माता-पिता या रिश्तेदारों पर आश्रित रहें, स्कूली या कॉलेज की शिक्षा पूरी ना कर पाने की वजह से और रोजगार की वजह से ऐसे लोग काम करने लायक ना रहें।

मनोवैज्ञानिक का कहना है की गेमिंग बना देता है निष्क्रिय

मनोवैज्ञानिक फिलिप जिबार्डो कहते हैं कि गेमिंग की लत से आपकी जिंदगी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने अपने बेटे का उदाहरण देते हुए कहा, मेरे बेटे को गेमिंग की ऐसी लत लगी कि वो पूरी रात गेम खेलता रहता था। वो पढ़ाई तथा दूसरा कोई काम नहीं करता था। उसके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा। गेमिंग आपको निष्क्रिय बना देता है। आप ना कसरत करते हैं, ना पढ़ते-लिखते हैं, ना ही अपने परिवार संग समय बिताते हैं।

हिंसा वाले गेम्स से मानसिकता पर पड़ता है बुरा प्रभाव
कैथरिन इसबिस्टर का कहना है की अत्याधिक गेमिंग ना सिर्फ करियर खराब कर सकती है बल्कि मानसिकता पर भी बुरा प्रभाव डालती है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के कंप्यूटेशनल मीडिया विभाग की प्रोफेसर कैथरिन इसबिस्टर ने गेम्स से उपजने वाली भावनाओं पर शोध किया है। उन्होंने कहा कि ज्यादा हिंसा वाले गेम्स समाज के लिए खतरा बन सकते हैं।
कई भावनाओं से गुजरते हैं युवा :- उन्होंने कहा, जीटीए जैसे कई गेम्स बेहद हिंसक हैं। ऐसे गेम्स खेलने वाले युवा कई भावनाओं से गुजरते हैं, इसमें गुस्सा, खुशी, दुख, अपराधबोध शामिल हैं। उन्हें तुरंत कई फैसले लेने पड़ते हैं। इसका असर उनके दिमाग पर पड़ता है। वे इसे ही असल दुनिया मान लेते हैं।


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