सोने से पहले सिर्फ आधा चम्मच शहद लेने से नींद की गोली खाना भूल जायेंगे और आने लगेगी अच्छी नींद

प्रकृति की अनमोल देन हैं शहद इसका प्रतिदिन नियम से सेवन किया जाए तो यह एक अमृत के समान है। यह सात्विक गुणों से भरपूर हैं और इसे वृद्धावस्था तक खाया जा सकता है। शहद के नाम भी अनेक है, जैसे- माक्षिक, अमृत, क्षौद्र, ग्राही आदि। यह नेत्रों के लिए हितकर अग्निसदिन, स्वर सुधारक, वर्णशोधन, संशोधक है। आयुर्वेद के रस रसायन, भस्म आदि का सेवन शहद से ही किया जाता है। इससे औषधियों के गुणों में वृद्धि होती है।

शहद के मुख्य विशेषताएं

शहद में शर्करा कार्बोहाइडेट, प्रोटीन विटामिन बी, विटामिन-सी, लौह मैग्नीशियम, कैल्सियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, वसा पौष्टिक हृदय में शक्ति देने वाली है। यह रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने वाला है। अवसाद, चिन्ता, टेंशन को दूर कर नर्व सिस्टम को मजबूत करता है एवं शरीर में शक्ति का संचार करता है।

शहद का ऐसे करें उपयोग

1) सोने से पूर्व पानी में आधा चम्मच शहद मिलाकर चाटने से गहरी नींद आती है. बुरे सपने नहीं आते हैं। निद्रा ...नाशक में शहद प्रभावी तरीके से काम करती है।

3) शहद में कैल्शियम अधिक होने से बालक, वृद्ध व महिलाओं में पाए जाने वाले अस्थि (हड्डी) रोग ठीक होते हैं।

4) एक चम्मच शहद दोनों समय लेने से एनर्जी बढ़ती है।

5) दो चम्मच शहद को भैंस के गुनगुने दूध में मिलाकर पीने से शरीर स्वस्थ रहता है।

6) शहद को नियमित सेवन करने से मोग्लोबिन की वृद्धि होती है एवं रक्त की कमी दूर होती है। यह मेधा शक्ति बढ़ाने का काम भी करता है।

7) शहद की दस बूंदे चेहरे पर हाथों से लगाने पर व थोड़ी देर बाद धोने से चेहरे का रूखापन दूर होता है व चेहरा चमकने लगता है।

8) एलर्जी में या त्वचा रोग में शहद का सेवन लाभदायक है।

9) मधुमेह रोगी रोगी शहद का नियमित सेवन कर सकते हैं. इन्हें कोई हानि नहीं होती हैं।

10) झुरियां कम करने के लिए शहद एक चम्मच, मलाई आधा चम्मच में मिलाकर लगाएं। पहले पानी से चेहरा धो लें।

कैसे पता की असली शहद कौन सा होता है..?

1) एक कांच के गिलास में गर्म पानी भर दें। फिर उसमें एक चम्मच शहद डालें, अगर शहद पानी की तली में बैठ जाता है तो यह असली है। लेकिन शहद पानी में घुल जाता है तो यह मिलावटी है। और यह चीनी से बना हुआ है।

2) रुई की बत्ती कर उसे शहद में भिगोकर माचिस से जलाएं। अगर बत्ती जलने लगे तो असली है अन्यथा मिलावटी है।

3) शहद की एक बूंद अंगूठे और अंगुली के बीच रखें। इससे तार बनाने का प्रयास करे। अगर शहद शुद्ध होगा तो इससे मोटी तार बनेगी, साथ ही शुद्ध शहद अंगूठे पर ही जमा रहेगा जबकि मिलावटी शहद फैल जाएगा।

 शहद के नुकसान कौन कौन से है..?

1) जरूरत से ज्यादा शहद खाने से उल्टी, जी मचलना, घबराहट पैदा होना, दस्त लगना आदि लक्षण हो सकते है।

2) समान मात्रा में शहद-घी न लें। आयुर्वेद में इसे जहर के समान माना है।

3) अधिक गर्म पानी में शहद मिलाकर पीने से काफी नुकसान करती है।

4) गुनगुने पानी में मिला लेने से नुकसानदायक नहीं है।

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